
शिशु के दांत निकलने का वक़्त किसी भी माता पिता के लिए परेशानी भरा हो सकता है. इस दौरान बच्चे परेशान और चिड़चिड़े हो जाते हैं और बच्चे को इस हाल में देखकर मम्मी पापा को भी चिंता होने लगती हैं. दांतों के बाहर आने की प्रोसेस में बच्चे के गम्स की स्किन में कट लगते हैं जिससे बच्चे को दर्द के कारण हल्का बुखार भी हो सकता है लेकिन घबराने की बात नहीं क्योंकि ऐसा होना नौर्मल है.
टीथिंग के दौरान बच्चा लगातार बेचैन रहता है और इस कारण बार बार मुंह में हाथ डालता है. दांत निकालना आमतौर पर 4 से 7 महीने के बीच शुरू होता है लेकिन अगर आपके बच्चे के दांत 7 महीने के बाद भी निकालना शुरू नहीं हुए हैं तो भी चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि हर बच्चे में ये समय अलग हो सकता है.
ये भी पढ़े : नवजात शिशु को स्तन से दूध कैसे पिलाएं
शिशु के दाँत निकलते समय सबसे पहले सामने के दो दाँत ऊपरी या निचले जबड़े में पहले दिखाई देंगे. फिर मोलर यानि कि दाढ़ के दाँत आते हैं और अंत में कैनाइन. नए दांतों के पास वाले मसूड़े इस दौरान सॉफ्ट हो जाते हैं और कई बार सूजे हुए दिखाई देते हैं.
इस दौरान बच्च अक्सर अंगूठा या उंगली चूसना शुरू कर देते हैं क्योंकि ऐसा करने से उन्हें आराम मिलता है. जिससे जितना हो सके आपको बच्चे को इस से बचाना चाहिए क्योंकि ये आगे चलकर एक आदत बन सकती है जिसे छुड़ाना मुश्किल हो जाएगा.
बच्चों को इस दौरान कुछ न कुछ चबाने की इच्छा होती है और इस के लिए बाजार में खिलौने भी मिलते हैं जिन्हें टीदिंग रिंग्स या टीथर कहा जाता है. लेकिन इन्हें खरीदते हुए इस बात का खास ध्यान रखें कि ये बच्चों के लिए सेफ मटीरियल से बने हौं. टीथर को फ्रिज में ठंडा होने के लिए रखा जाता है लेकिन आप खयाल रखें की फ्रिज में रखने पर ये इतने सख्त हो सकते हैं कि कई बार मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं. बच्चे को हल्का ठंडा टीथर दे सकते हैं जिसे चबाने पर बच्चा बेहद आराम महसूस करता है.
आपको मसूढ़ों को नरम करने वाली दवाओं के इस्तेमाल से बचना चाहिए क्योंकि अगर बच्चा इसे गलती से भी निगल ले तो ये बच्चे के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. इसके अलावा, बच्चों के लिए गम पेन को कम करने वाली गोलियों का भी उपयोग न करें क्योंकि उनमें प्लांट पौइजन जैसे तत्व हो सकते हैं जिसे एफडीए द्वारा बिलकुल भी रेकेमेंड नहीं किया जाता.
शिशु के दांत निकलने के कारण उसे तेज बुखार भी आ सकता है लेकिन ऐसा सबके साथ नहीं होता. बुखार होने पर आप डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें.
अगर आप बच्चे के नए दांतों की अच्छी देखभाल करेंगे तो यह उनके पक्के दांतों को भी मजबूत बनाने में मदद करेगा. मार्केट में मिलने वाले बच्चों के टूथ ब्रश के नरम ब्रिसल्स से हर बार भोजन के बाद उनके दांतों को अच्छी तरह से ब्रश करें. आप सिलिकॉन से बने बीपीए फ्री फिंगर टूथ ब्रश भी यूज़ कर सकते हैं जिनके ब्रिस्ल्स बेहद नरम होते हैं.
ये भी पढ़े :आपको अपने बच्चे की मालिश कब करनी चाहिए- नहलाने से पहले या नहलाने के बाद?
बच्चे को कभी भी मुंह में बोतल रखकर सोने न दें क्योंकि ऐसा होने पर दूध दांतों के आसपास जमा होने से सड़ने लगता है और इसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. बच्चे को खाने में में ठंडी चीज़ें भी दें जैसे दही, रेफ्रिजेरेटेड फल और ऐप्पलसौस.
अपने बढ़ते हुए शिशु की अच्छी देखभाल करना आपकी ज़िम्मेदारी है और आपको इसके प्रति सजग रहना चाहिए. एक छोटी सी गलती भी कई बार दांतों में परमानेंट डैमेज़ का कारण बन सकती हैं और इसलिए बच्चों के मामले में बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है. तो ये थी वो ज़रूरी बातें जो आपको बच्चे की टीदिंग के दौरान ध्यान में रखती चाहिए ताकि उसे दांतों की समस्याओं का सामना न करना पड़े.




This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022
Baby Carrier | Baby Soap | Baby Wipes | Stretch Marks Cream | Baby Cream | Baby Shampoo | Baby Massage Oil | Baby Hair Oil | Stretch Marks Oil | Baby Body Wash | Baby Powder | Baby Lotion | Diaper Rash Cream | Newborn Diapers | Teether | Baby Kajal | Baby Diapers Pants | Cloth Diapers | Laundry Detergent | Lactation Granules |